इस दिवाली चीनी सामग्री को ना | लोग नहीं खरीद रहे चीनी उत्पाद

इस दिवाली चीनी सामग्री को ना कहें

भगवान् राम के लंका की विजय के पश्चात लोगों ने दीपों की मालाएं जलाई और इस त्यौहार को दीपावली एवं दिवाली के रूप में मनाया। वही हिन्दू धर्म की परंपरा आज भी जीवंत है और हर साल पुरे धूमधाम से मनाई जाती है। दिवाली मेल मिलाप खुशियां मनाने का त्यौहार है। जिसमे सभी लोग माँ लक्ष्मी की पूजा करते हैं और दिए जलाकर माँ लक्ष्मी का घरों में स्वागत करते हैं। इस साल भी दिवाली बहुत धूमधाम से मनाई जाने वाली है और हर कोई इस अनोखे पर्व के लिए इंतज़ार कर रहा। इस साल दिवाली १९ अक्टूबर को पुरे हिंदुस्तान में मनाई जाएगी।

जैसा की हम जानते ही हैं की हर साल चीन से करोड़ों , अरबों का दिवाली पठाखे , खिलोने, साज़ सज्जा का सामान भारत में आता है। और पिछले वर्ष की बात करें तो दिवाली में लगभग चीन का ६५००० करोड़ का कारोबार हुआ। लेकिन यह करोर्बर ज्यादा भी हो सकता था परन्तु सही समय पर लोगों में चीन के सामान के पार्टी जागरूकता जगी और लोगों ने बिदेशी सामान की बजाय देसी सामान खरीदने पर ध्यान दिया।

इस साल भी कई सोशल मीडिया पर भारतीय यह सन्देश फैलाने में जुटे हुए हैं की बिदेशी यानि की चीनी सामान को दिवाली में उपयोग न करें बजाय उसके अपने ही देश में बने मिटटी के दिए जलाएं। जिससे देश में ही अपने ही लोगों को यह पैसा मिलेगा।
विक्रेताओं से बातचीत के पश्चात यह पता चला है की इस साल पिछले वर्ष के मुकाबले ४०-५० प्रतिशत चीन के पठाखे, खिलोने और सजावट की सामग्री कम बिकने की उम्मीद है। और लोग चीन के सामानो में ज्यादा रूचि नहीं दिखा रहे हैं। और यह सही भी है क्योंकि इससे देश की आर्थिक स्थिति में भी कही तो सुधार होगा।

हम आपको आने वाली दिवाली त्यौहार की हार्दिक शुभकामनाये देते हैं और इस दिवाली चीन सामग्री को ना बोलें।

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